15 अप्रैल 1912 को घटित विश्व प्रसिद्ध टाइटैनिक हादसा की त्रासदी सिर्फ एक समुद्री हादसा नहीं थी, बल्कि कई अनसुनी कहानियों को अपने साथ समेटे हुए है, इन्हीं कहानियों में से एक है जांजगीर- चांपा से जुड़ी मिस एनी क्लेमर फंक की, जिन्होंने न सिर्फ इस क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाई, बल्कि अपने जीवन के अंतिम क्षणों में अद्भुत त्याग और मानवता की मिसाल भी पेश की है.
जब डूब रहा था Titanic.. तो उसपर थी मिस एनी फंक, कैसे बचाई थी जान? त्याग और मानवता की बनी अमर मिसाल
