कोरबा में कोयला खनन शुरू होने के बाद धीरे-धीरे क्षेत्र का विकास हुआ और एसईसीएल कॉलोनी का निर्माण किया गया. जहां कोयला कर्मियों के लिए आवास की व्यवस्था की गई. इसी दौरान जंगल के बीच एक ऐसी घटना घटी, जिसने इस मंदिर की नींव रखी. एक व्यक्ति, प्रभुनाथ सिंह, को जंगल में एक शिवलिंग दिखाई दिया.
जंगल में प्रकट शिवलिंग से बना आस्था का केंद्र, जानिए कोरबा के इस मंदिर का चमत्कारी रहस्य और मान्यता